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हापुड़। 

जिले में सरकारी और निजी जमीनों पर झुग्गी-झोपड़ियों का विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जिससे शहरी व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहराने लगी हैं। बाहरी राज्यों से आए लोग खाली पड़ी जमीनों पर बस्तियां बसा रहे हैं। जहां सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ निजी भू-स्वामियों द्वारा किराए पर जगह देकर झुग्गियां बसाने की बात भी सामने आई है।

इन बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और सुरक्षा मानकों की कमी के चलते आग जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। हाल ही में बुलंदशहर रोड क्षेत्र में झुग्गियों में आग लगने की घटना ने इस जोखिम को उजागर किया, हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

शहर के फ्री गंज रोड, चैनापुरी, रामपुर रोड और ईदगाह रोड जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में झुग्गियां मौजूद हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार इन बस्तियों में रहने वाले कई लोग अन्य राज्यों से आकर बसे हैं। नगर निकाय की ओर से यहां सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिसके चलते लोग पेयजल जैसी जरूरतों के लिए स्वयं इंतजाम करते हैं।

कुछ निवासियों का कहना है कि निजी जमीनों को छोटे किराए पर उपलब्ध कराकर वहां झुग्गियां बसाई गई हैं। इन बस्तियों में रहने वाले लोग आसपास की फैक्ट्रियों और दुकानों में श्रमिक के रूप में कार्य करते हैं, जबकि कई महिलाएं कूड़ा एकत्रित कर छंटाई का काम कर जीविका चला रही हैं।

जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 323 मामले विचाराधीन हैं। नियमानुसार तहसील स्तर पर नोटिस जारी कर बेदखली, जुर्माना और नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी की जानी होती है।

इसके बावजूद, अतिक्रमण हटाने की रफ्तार और बढ़ती झुग्गी बस्तियों को लेकर प्रशासनिक सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

इस संबंध में एडीएम संदीप कुमार ने कहा कि यदि सरकारी भूमि पर झुग्गियां पाई जाती हैं तो उन्हें हटाने के लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा। साथ ही अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।