HALCHAL INDIA NEWS
धौलाना। खिचरा औद्योगिक क्षेत्र में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त कदम उठाया है। एनजीटी ने सभी जिम्मेदार पक्षों को नोटिस भेजते हुए स्थल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है।
हेल्प एशियन फाउंडेशन की याचिका में बताया गया है कि इस औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 1200 उद्योग हैं, जिनमें से कई बिना शोधन किए खतरनाक रासायनिक अपशिष्ट खुले नालों, पार्कों और खाली जमीन में डाल रहे हैं। इससे पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
एनजीटी की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल शामिल थे, ने कहा कि प्रस्तुत प्रमाणों से प्रथम दृष्टया गंभीर पर्यावरणीय क्षति का संकेत मिलता है।
पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को छह सप्ताह में विस्तृत जवाब पेश करने और क्षेत्र का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट अदालत में जमा करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को होगी।
हेल्प एशियन फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव अफसर अली और राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप शर्मा ने कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर संस्था को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
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