हापुड़।
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के अंतर्गत जारी नोटिसों के जवाब के लिए शुक्रवार को नगर पालिका परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। सभागार के भीतर क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण बाहर तक लंबी कतारें लग गईं और कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
भीड़ के चलते बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। कई बूथों पर न तो नामित अधिकारी मौजूद थे और न ही हेल्पडेस्क पर कर्मचारी मिले, जिससे लोगों को बार-बार भटकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 1.27 लाख मतदाताओं को मैपिंग न होने के चलते नोटिस भेजे गए हैं। मतदाता सूची में वास्तविक मतदाताओं को शामिल रखने के उद्देश्य से इन लोगों से 13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी भी दो दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक साथ बड़ी संख्या में लोग फॉर्म जमा करने और सुनवाई के लिए पहुंच गए, जिससे नगर पालिका का पूरा परिसर खचाखच भर गया। कई लोग अपनी बारी के इंतजार में सभागार के बाहर सीढ़ियों पर बैठे दिखाई दिए।
सभागार के भीतर बूथ संख्या 58 से 65 सहित कुछ अन्य बूथों पर संबंधित अधिकारी अनुपस्थित रहे। लोगों का कहना था कि नोटिस में जिस दिन और समय का उल्लेख है, उसी अनुसार वे पहुंचे हैं, लेकिन वहां कोई सुनवाई करने वाला नहीं मिला।
इस संबंध में एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि नोटिस में दिए गए समय के अनुसार ही लोग आएं। सभी मामलों की सुनवाई की जाएगी और किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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