हापुड़।
केंद्रीय बजट में हापुड़ जिले को एग्री एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन की सौगात मिली है। इस योजना के तहत जिले में उगाई जाने वाली सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे खासतौर पर नकदी फसलों को बेहतर दाम मिलने की संभावना है।
दिल्ली के नजदीक स्थित होने और मजबूत हाईवे नेटवर्क के कारण हापुड़ को विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसी वजह से शासन स्तर पर जिले को नए प्रोजेक्ट्स के लिए प्राथमिकता दी गई है।
कुछ समय पहले कृषि विभाग ने एग्री एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन को लेकर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था, जिसे आगे केंद्र सरकार को भेजा गया। अब बजट में स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना के क्रियान्वयन की तैयारी शुरू हो गई है।
प्रस्तावित जोन में बड़े वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और गुणवत्ता जांच से जुड़ी प्रमाणीकरण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। यहां निर्यात से पहले किसानों की उपज को सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया जा सकेगा। साथ ही निर्यात प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समर्पित तंत्र भी विकसित किया जाएगा।
यह व्यवस्था तय करेगी कि किसानों की फसलों को देश या प्रदेश की किन मंडियों में बेहतर मूल्य मिल सकता है। कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में बड़ी संख्या में ऐसी फसलें उगाई जाती हैं, जिन्हें नकदी फसल माना जाता है और जिनसे किसानों को सीधी आमदनी होती है।
एग्री एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन के शुरू होने से किसानों को केवल स्थानीय बाजारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें अपनी उपज के लिए अधिक लाभकारी बाजार उपलब्ध हो सकेंगे।
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