हापुड़।
केंद्र सरकार के आम बजट से हापुड़ जिले के टेक्सटाइल और हथकरघा उद्योग को नई गति मिलने की संभावना है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के अंतर्गत चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे नए उद्योग स्थापित होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा एक जनपद एक उत्पाद योजना को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जिले में विशेष रूप से पिलखुवा और धौलाना क्षेत्र टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। हापुड़ में टेक्सटाइल और हथकरघा से जुड़ी करीब 120 बड़ी फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें से लगभग 60 इकाइयां एचपीडीए के टेक्सटाइल सेंटर में स्थित हैं। इसके अलावा गली-मोहल्लों में चादरों की रंगाई और छपाई से जुड़ी करीब 250 छोटी इकाइयां भी काम कर रही हैं।
सरकार की नई पहल के तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, ग्रामीण युवाओं और एक जिला-एक उत्पाद योजना से जुड़े कारीगरों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही प्रशिक्षण, कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार और उत्पादन बढ़ाने के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, ब्रांडिंग और विपणन में भी सहायता दी जाएगी। पिलखुवा में बनने वाली चादरें पहले से ही देश के कई राज्यों और विदेशों में भेजी जाती हैं। ऐसे में इस पहल से पिलखुवा की चादरों को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है।
.jpg)




.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)



Social Plugin