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नगर पालिका की जीएसटी आईटीसी को लेकर जांच, दो करोड़ रुपये जमा न होने का मामला

HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

नगर पालिका परिषद द्वारा जीएसटी विभाग की बड़ी राशि वापस न किए जाने का मामला जांच के घेरे में आ गया है। आरोप है कि पालिका ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के करीब दो करोड़ रुपये विभाग को नहीं लौटाए हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार शाम जीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की टीम नगर पालिका कार्यालय पहुंची।

सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका से जुड़े सौ से अधिक पंजीकृत ठेकेदार विभिन्न विकास कार्यों का निष्पादन करते हैं। कार्यों के भुगतान के दौरान ठेकेदारों की फर्मों द्वारा जीएसटी जमा की जाती है, जिसके आधार पर आईटीसी का दावा बनता है। यह आईटीसी नियमानुसार संबंधित कर विभाग को समायोजित कर लौटाई जानी होती है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त विमल कुमार दुबे, सहायक आयुक्त विपिन शुक्ला और वाणिज्य कर अधिकारी सतीश तिवारी ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की।

संयुक्त आयुक्त ने बताया कि जीएसटी अधिनियम के तहत विकास कार्यों के भुगतान पर आईटीसी की वापसी अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राज्य कर और केंद्र कर से जुड़ी करीब एक-एक करोड़ रुपये की आईटीसी नगर पालिका के लेजर में लंबित है।

इसके अलावा अन्य भुगतानों में आईटीसी के समायोजन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच टीम ने नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक लेजर प्रस्तुत करने और लंबित आईटीसी शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए हैं।