HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
बारिश के बाद दोबारा बढ़ी ठंड और घने कोहरे का असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। ठंडे मौसम के कारण श्वसन नली में संकुचन और सूजन की समस्या बढ़ रही है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और घबराहट की शिकायत सामने आ रही है। जिला अस्पताल की सामान्य ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनमें अधिकतर की उम्र 30 वर्ष से ऊपर बताई जा रही है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजीव के अनुसार, बीते कुछ दिनों में सांस से जुड़ी शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुधवार को ही 20 से अधिक मरीज ऐसे पहुंचे, जिनकी जांच में अस्थमा और एलर्जी से संबंधित लक्षण पाए गए। सभी मरीजों को दवाइयां देने के साथ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में सांस की नली सिकुड़ने लगती है, जिससे फेफड़ों तक हवा पहुंचने में परेशानी होती है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ता है, जो पहले से श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ठंड के कारण फेफड़ों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे सांस फूलने की समस्या और गंभीर हो सकती है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सांस के रोगी ठंड से बचाव करें, नियमित रूप से दवाइयों का सेवन जारी रखें और बिना जरूरत सुबह-शाम ठंडे वातावरण में बाहर न निकलें। पार्क या खुले स्थानों में टहलने के बजाय घर पर ही हल्का व्यायाम करना अधिक सुरक्षित रहेगा, जिससे श्वसन संबंधी परेशानियों से बचा जा सके।
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