पिलखुवा। ऊर्जा संरक्षण और बिजली बचत को लेकर चलाए जा रहे अभियानों के बीच शहर के कई इलाकों में दिन निकलने के बाद भी स्ट्रीट लाइटें जलती मिलने से नगर पालिका की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने इसे बिजली की अनावश्यक बर्बादी बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह किए गए निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें चालू पाई गईं। प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पर्याप्त उजाला होने के बावजूद बिजली से संचालित लाइटें बंद नहीं की गई थीं। इससे नगर पालिका की मॉनिटरिंग प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी स्थिति कोई नई बात नहीं है। उनका आरोप है कि कई क्षेत्रों में अक्सर सुबह होने के बाद भी लाइटें जलती रहती हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ती है और सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है।
नागरिकों ने मांग की है कि स्ट्रीट लाइटों के संचालन की नियमित निगरानी की जाए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि एक ओर लोगों को बिजली बचाने के लिए जागरूक किया जाता है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक व्यवस्थाओं में इस तरह की अनदेखी उचित नहीं है।
वहीं नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में सभी स्ट्रीट लाइटें निर्धारित समय पर बंद कर दी जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी खराबी या किसी फॉल्ट के कारण कभी-कभी कुछ लाइटें चालू रह जाती हैं। ऐसी समस्याओं को दूर करने और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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