हापुड़।
जिला अस्पताल में खून की जांच कराने आने वाले मरीजों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक से परामर्श लेने से लेकर रक्त का नमूना देने तक मरीजों का करीब पांच घंटे समय लग रहा है। क्यूआर कोड आधारित प्रक्रिया के कारण जांच की प्रक्रिया लंबी हो रही है, जिससे मरीजों को रिपोर्ट भी अगले दिन मिल पा रही है।
बढ़ते तापमान के साथ बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी आई है। जिला अस्पताल में सबसे पहले पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है, जिसमें करीब एक घंटा लग जाता है। इसके बाद चिकित्सकों को दिखाने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।
चिकित्सक द्वारा जांच लिखे जाने के बाद मरीजों को जांच काउंटर पर पर्चा दिखाना होता है, जहां क्यूआर कोड जनरेट किया जाता है और रक्त नमूना लेने के लिए ट्यूब उपलब्ध कराई जाती हैं। इस प्रक्रिया में ही दो से तीन घंटे का समय लग रहा है। इसके बाद रक्त का नमूना देने के लिए भी मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है।
स्थिति यह है कि सुबह अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीज ओपीडी समाप्त होने तक जांच संबंधी प्रक्रियाओं में ही उलझे रहते हैं। नमूना देने के बाद भी उन्हें रिपोर्ट लेने के लिए अगले दिन अस्पताल आना पड़ता है।
मंगलवार को भी जांच काउंटरों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करते हुए फर्श पर बैठी नजर आईं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक रक्त नमूनों की जांच की जा रही है।
सीएमएस डॉ. हेमलता ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड प्रणाली लागू की गई है। जांच रिपोर्ट मरीजों के मोबाइल पर भी भेजी जा रही है तथा समय-समय पर मरीजों से फीडबैक भी लिया जाता है।
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