हापुड़।
जिले में हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाता है, लेकिन पौधों की उचित देखभाल न होने के कारण बड़ी संख्या में पौधे जीवित नहीं रह पाते। ऐसे में एक बार फिर नए पौधे लगाने की तैयारी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में करीब 13 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विभागीय रिकॉर्ड में लक्ष्य से अधिक पौधरोपण दर्शाया गया, लेकिन कई स्थानों पर लगाए गए पौधे अब नजर नहीं आते। देखरेख और नियमित सिंचाई के अभाव में अधिकांश पौधे सूख गए या नष्ट हो गए।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पौधों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गढ़ रोड, पक्का बाग, गोशाला क्षेत्र और अन्य स्थानों पर पौधरोपण किया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां अधिकांश पौधे सूखे हुए दिखाई दे रहे हैं। सड़कों के डिवाइडरों पर रखे गए गमलों में लगे पौधों की हालत भी संतोषजनक नहीं है।
अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को लगभग 12 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। इसके तहत विभिन्न विभाग संयुक्त रूप से पौधरोपण अभियान चलाएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलेभर में करीब 1.95 लाख पौधे रोपे जाने की योजना है।
अभियान के दौरान शीशम, नीम, जामुन, अर्जुन, आम, कचनार और अन्य प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस बार पौधरोपण के साथ-साथ उनकी निगरानी और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि लगाए गए पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।
प्रभागीय वन अधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि पर्यावरण दिवस पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की देखरेख में कहीं लापरवाही बरती गई है तो उसकी जांच कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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