HALCHAL INDIA NEWS
एनएच-09 पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कैमरे लगाने का प्रस्ताव महीनों बाद भी अधर में लटका हुआ है। जिला स्तर से प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बावजूद अब तक बजट स्वीकृत नहीं हो सका है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है।
हापुड़ में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एनएचएआई की ओर से एनएच-09 पर कैमरे लगाने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। उद्देश्य था कि तेज गति से वाहन चलाने वालों पर निगरानी रखकर दुर्घटनाओं को कम किया जा सके, लेकिन प्रस्ताव अभी तक फाइलों में ही अटका हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार जिले में होने वाली करीब 60 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण हो रही हैं। इसके बावजूद सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली धीमी बनी हुई है। ब्लैक स्पॉट कम नहीं हो रहे हैं और हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक इस सप्ताह कलेक्ट्रेट में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित होगी। हर माह की तरह बैठक डीएम की अध्यक्षता में होगी, लेकिन अब तक बैठकों के निर्णयों का असर जमीन पर सीमित ही दिखाई दे रहा है।
जनवरी से अप्रैल तक जिले में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पूरे प्रदेश में दुर्घटनाओं में कमी आई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे ने बताया कि जिला स्तर से एनएचएआई ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा हुआ है। बजट स्वीकृत होते ही एनएच-09 पर कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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