हापुड़ में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के कारण बिजलीघरों पर लोड बढ़ गया है, जिससे लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या गंभीर होती जा रही है। हालात यह हैं कि घरों में लगे एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं।
जिले के करीब सवा तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति देने के लिए 53 बिजलीघर संचालित हैं, लेकिन इन दिनों इन बिजलीघरों को पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल पा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार बिजलीघरों को सामान्य सप्लाई के लिए 11 हजार वोल्ट की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में कई जगह केवल 9500 वोल्ट या उससे भी कम सप्लाई मिल रही है।
कम वोल्टेज के कारण पावर ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है। ट्रांसफार्मर अधिक गर्म होने लगे हैं, जिन्हें ठंडा रखने के लिए पानी की बौछार और कूलर-पंखों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं गांव और मोहल्लों में लगे बिजली उपकरणों की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। कई जगह एसी तापमान कम करते ही बंद हो जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप फीडरों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। किसानों का कहना है कि हर दस मिनट में फीडर ट्रिप हो रहे हैं, जिससे खेतों तक सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पा रहा। दोपहर के समय कई जगह सप्लाई लगभग बंद जैसी स्थिति में रहती है।
बिजली विभाग ने ओवरलोडिंग और लो वोल्टेज की समस्या से राहत दिलाने के लिए शहर में विभिन्न क्षमता के 25 नए ट्रांसफार्मर लगाए हैं। इसके अलावा 60 अन्य स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर और क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि उपभोक्ताओं को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है।
मोदीनगर रोड स्थित श्रीमती ब्रह्मादेवी बालिका विद्यालय के पीछे के मोहल्लों में पिछले दो दिनों से बिजली सप्लाई ठप है। स्थानीय निवासी राजवीर सिंह भाटी ने बताया कि खंभा टूटने की सूचना देने के बावजूद अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई है, जिससे लोगों को पानी तक के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी का कहना है कि बढ़ती बिजली मांग के कारण वोल्टेज प्रभावित हुए हैं, लेकिन निर्बाध आपूर्ति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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