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दाखिल-खारिज की समस्या से परेशान किसान रास्ते में हुआ बेहोश, स्वाति गुप्ता की तत्परता आई काम


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

धाकिल-खारिज की समस्या को लेकर मंगलवार सुबह ग्राम ककोड़ी निवासी किसान गुड्डू चौधरी घर से पैदल ही हापुड़ तहसील के लिए निकल पड़े। किसान का कहना था कि लंबे समय से उनकी दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी, जिसके चलते वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहे थे। 

मंगलवार सुबह भी वह अपनी समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर तहसील पहुंचने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में सुप्रीम पेट्रोल पंप के पास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। किसान की हालत बिगड़ने की सूचना गांव के लोगों और किसान नेताओं तक पहुंची तो मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तत्काल उन्हें सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना की जानकारी तहसील प्रशासन तक पहुंची तो अधिकारियों में भी हलचल मच गई।


मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार स्वाति गुप्ता ने तुरंत किसान की फाइल मंगवाई और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में कुछ तकनीकी कमियां लंबित थीं, जिनके कारण किसान का कार्य अटका हुआ था। तहसीलदार ने बिना देरी किए संबंधित कर्मचारियों से कमियां पूरी कराईं और कुछ ही देर में किसान को उसकी फर्द उपलब्ध करा दी गई। तहसीलदार स्वाति गुप्ता की इस तत्पर कार्यशैली की किसानों और मौजूद लोगों ने सराहना की। किसान गुड्डू चौधरी ने भी राहत मिलने पर प्रशासन का आभार जताया।


तहसीलदार स्वाति गुप्ता ने कहा कि किसानों की समस्याएं प्रशासन की प्राथमिकता में हैं और किसी भी किसान को अपनी जायज मांग के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “किसान हमारे समाज की रीढ़ हैं। 

अगर कोई किसान अपनी समस्या को लेकर परेशान होकर पैदल तहसील आने को मजबूर होता है और रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ जाती है, तो यह बेहद संवेदनशील विषय है। जैसे ही मामला मेरे संज्ञान में आया, तुरंत संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर फाइल की जांच कराई गई। तकनीकी कमी सामने आई, जिसे तत्काल पूरा कराया गया और किसान को उसकी फर्द उपलब्ध करवाई गई। 


प्रशासन का उद्देश्य केवल फाइलों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि आम लोगों को समय पर राहत देना भी है। मैंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों और आम जनता से जुड़े मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता पर निपटाया जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।”