हापुड़।
भीषण गर्मी में स्कूली छात्राओं को भाजपा की महिला पदयात्रा में शामिल किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और रामनिवास बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या, प्रबंधक व संबंधित स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सपाइयों ने सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास भी किया, जिस पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और छीनाझपटी होती रही।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा नारी वंदन अधिनियम के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए नाबालिग छात्राओं का दुरुपयोग किया गया। बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे के नेतृत्व में तगासराय स्थित रामनिवास बालिका इंटर कॉलेज से महिला जनाक्रोश पदयात्रा निकाली गई थी, जिसमें कॉलेज की छात्राओं, प्रधानाचार्या और स्टाफ को भी शामिल किया गया।
भीषण गर्मी के बीच सुबह 11 बजे शुरू हुई यह पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों से गुजरते हुए तगासराय गेट पर जाकर समाप्त हुई। इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। समाजवादी पार्टी ने इसे शिक्षा व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया। पार्टी नेताओं का कहना था कि एडेड विद्यालय की छात्राओं को किसी राजनीतिक दल की रैली में शामिल करना नियमों के विरुद्ध है और इससे छात्राओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी। यदि गर्मी या भगदड़ जैसी किसी घटना में छात्राओं के साथ कोई हादसा हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने रामनिवास बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सिम्पी वर्मा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि केवल नोटिस देकर मामले को दबाया न जाए, बल्कि कॉलेज प्रबंधन, प्रधानाचार्या और कार्यक्रम में शामिल सभी जिम्मेदार अध्यापिकाओं के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला फूंकने की कोशिश की। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला निकालकर आग लगाने का प्रयास किया, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल सक्रिय हो गया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल घेराबंदी कर पुतला छीनने का प्रयास किया।
इस दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस पुतले को अपने कब्जे में लेने में सफल रही। इस दौरान पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने किया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए नाबालिग छात्राओं तक को नहीं छोड़ रही। एक शिक्षण संस्थान, जो बच्चों के भविष्य निर्माण का केंद्र होता है, उसे राजनीतिक मंच बना दिया गया। भीषण गर्मी में छात्राओं को सड़कों पर उतारना न केवल अमानवीय है बल्कि उनकी जान से खिलवाड़ भी है। अगर किसी बच्ची की तबीयत बिगड़ जाती, कोई हादसा हो जाता या कोई अप्रिय घटना घट जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? सरकार जवाब दे।
हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि समाजवादी पार्टी शिक्षा संस्थानों के राजनीतिक दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषियों पर केवल नोटिस नहीं, बल्कि तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। प्रबंधक, प्रधानाचार्या और जो भी इस कृत्य में शामिल हैं, उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा लोकतंत्र नहीं, दबाव और दिखावे की राजनीति कर रही है। जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।”
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