गढ़मुक्तेश्वर। पलवाड़ा रोड स्थित एक ढाबे के उद्घाटन समारोह में 13 अप्रैल 2026 को किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप और पूर्व मंत्री मदन चौहान के बीच हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर पूर्व मंत्री मदन चौहान ने विस्तृत बयान जारी करते हुए पूरी घटना पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और अभद्र भाषा के प्रयोग पर खेद भी जताया है।
मदन चौहान ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान भानु प्रताप के आगमन पर उनका विधिवत स्वागत व अभिवादन किया गया था और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता के दौरान दोनों एक साथ बैठे थे और पूर्व में भी आपसी संबंध सम्मानजनक रहे हैं।
हालांकि, उनके अनुसार पत्रकार वार्ता के दौरान भानु प्रताप द्वारा देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसे उन्होंने असहनीय बताया।
पूर्व मंत्री का कहना है कि उन्होंने स्थिति को शांत करने के लिए भानु प्रताप को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। उन्होंने स्वीकार किया कि आवेश में आकर उनसे भी कुछ शब्द निकल गए, जिन पर उन्हें खेद है और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
मदन चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से जुड़े वीडियो को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन का उद्देश्य हमेशा किसानों, गरीबों और आम जनता की सेवा करना रहा है और वह लगातार उनके हितों के लिए संघर्ष करते आए हैं।
वहीं, 17 अप्रैल को उनके आवास के घेराव की कथित योजना को लेकर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रकार की धमकियों का जवाब प्रशासन और क्षेत्र की जनता देगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो डरने वाले हैं और न ही झुकने वाले हैं। पूर्व मंत्री ने अंत में अपील की कि इस पूरे विवाद से दूर रहकर सभी लोग संयम और धैर्य का परिचय दें तथा देशहित में शांति बनाए रखें।
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