हापुड़।
गाजियाबाद और हापुड़ के बीच नमो भारत आरआरटीएस ट्रेन चलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। दूसरे चरण में इस रूट पर करीब 35 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच सफर का समय घटकर लगभग 20 से 25 मिनट रह जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में गाजियाबाद पहुंचने में लोगों को करीब 40 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है, लेकिन हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन शुरू होने के बाद यात्रा तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। इस कॉरिडोर से रोजाना गाजियाबाद आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम लिमिटेड (एनसीआरटीसी) से सूचना का अधिकार कानून 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में इस परियोजना का खुलासा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि गाजियाबाद-हापुड़ नमो भारत कॉरिडोर को फेज-2 योजना में शामिल किया गया है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की सफलता के बाद अब एनसीआर के अन्य शहरों को भी हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी गई है।
दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, बुलंदशहर, खुर्जा और हापुड़ जैसे शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी देने का खाका तैयार किया गया है। इस परियोजना के तहत दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर प्रमुख रूप से प्रस्तावित हैं, जो दिल्ली-एनसीआर के कई राज्यों को तेज रेल नेटवर्क से जोड़ेंगे।
केंद्रीय स्तर पर भी इस योजना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए लगभग 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। हालांकि, गाजियाबाद-हापुड़ कॉरिडोर किस मार्ग से गुजरेगा और किन स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस परियोजना के लागू होने के बाद क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और आवागमन की सुविधाओं में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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