HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
मेरठ परिक्षेत्र में चल रहे ‘ऑपरेशन विवेचना’ का असर अब जनपद हापुड़ में भी साफ दिखाई देने लगा है। पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी द्वारा की गई समीक्षा में हापुड़ जनपद में लंबित विवेचनाओं में कमी दर्ज की गई है, वहीं नगर व गढ़मुक्तेश्वर सर्किल का कार्य विशेष रूप से सराहनीय पाया गया है।
डीआईजी द्वारा सीसीटीएनएस पोर्टल के आधार पर 1 मार्च 2026 के सापेक्ष 1 अप्रैल 2026 तक की समीक्षा की गई, जिसमें पूरे परिक्षेत्र में लंबित विवेचनाओं में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। हापुड़ जनपद में भी इस अवधि के दौरान 3 प्रतिशत की कमी आई है, जो पुलिस की सक्रियता और अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि जनपद हापुड़ के नगर, पिलखुवा और गढ़मुक्तेश्वर तीनों सर्किलों में लंबित विवेचनाओं में कमी दर्ज की गई है। विशेष रूप से 1 जनवरी से 1 अप्रैल 2026 तक की तीन माह की समीक्षा में सर्किल नगर और गढ़मुक्तेश्वर का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा, जिसे डीआईजी ने सराहनीय बताया।
हालांकि परिक्षेत्र के कुछ अन्य जनपदों के सर्किलों में लंबित विवेचनाओं में वृद्धि भी सामने आई है, जिस पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि जहां अच्छा कार्य हुआ है, उसे प्रोत्साहित किया जाएगा और जहां कमी है, वहां जवाबदेही तय की जाएगी।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि सभी जनपदों द्वारा विवेचना निस्तारण में निरंतर सुधार किया जा रहा है और सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने सर्किल में प्रभावी पर्यवेक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान को और तेज करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि आमजन को शीघ्र न्याय मिल सके।
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