हापुड़।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। जिले के ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़े में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की संभावना है।
पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। जिले के ट्रांसपोर्टरों ने माल भाड़े में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की संभावना है।

ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि माल भाड़ा बढ़ने से किराना, फल-सब्जी, डेयरी उत्पाद समेत अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं। इससे रसोई का बजट भी प्रभावित होगा।
बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में कई बार बढ़ोतरी हुई है। जिले से रोजाना सैकड़ों मालवाहक वाहन विभिन्न जिलों और राज्यों के लिए रवाना होते हैं। ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण परिवहन लागत में इजाफा हुआ है, जिसका असर सीधे माल भाड़े पर पड़ा है।
ट्रांसपोर्टर अशोक बबली के अनुसार, डीजल की कीमत बढ़ने के बाद माल भाड़ा करीब 20 फीसदी तक बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इसका असर बाजार में बिकने वाली लगभग हर वस्तु पर देखने को मिल सकता है।
वहीं रणाजोत सिंह खैरा का कहना है कि डीजल महंगा होने से फैक्ट्रियों की उत्पादन लागत भी बढ़ गई है। महंगाई और मजदूरों की कमी के कारण कई फैक्ट्रियां बंद होने की स्थिति में पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि असम, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण कई वाहन कम दाम में भी माल ढुलाई कर रहे हैं।
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