HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर जल्द ही हाईटेक कैमरों की नजर रहेगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग, हेलमेट न पहनना और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने जैसी गतिविधियों का स्वतः पता लगाया जाएगा। इसके बाद नियमों के अनुसार ऑनलाइन चालान जारी किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, जिंदल नगर और सरस्वती मेडिकल कॉलेज के निकट अत्याधुनिक एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इन कैमरों को स्थानीय पुलिस और प्रशासन की निगरानी प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्डिंग और संबंधित डेटा की समीक्षा भी की जा सकेगी।
जिले में पिछले कुछ समय से एनएच-09 पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। दुर्घटनाओं में जान-माल के नुकसान को कम करने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी बैठकों में भी इस विषय पर कई बार चर्चा हो चुकी है और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
बताया जा रहा है कि कैमरे लगाने के लिए केंद्र सरकार से लगभग ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस बजट के माध्यम से चयनित स्थानों पर सड़क के दोनों ओर निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। शुरुआती चरण में निजामपुर से जिंदल नगर तक के हिस्से को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए प्राथमिकता दी गई है।
हाईवे पर विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा का पालन अनिवार्य होगा। कारों के लिए अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा, दोपहिया वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तथा बसों और अन्य भारी वाहनों के लिए 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है। वहीं छोटे व्यावसायिक वाहनों और ऑटो के लिए अलग गति सीमा लागू रहेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के भीतर कैमरों की स्थापना का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जल्द से जल्द निगरानी और चालान प्रणाली को सक्रिय किया जा सके।
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