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गमछा कारोबार में पिलखुवा की बढ़ती पहचान, हर महीने लाखों का व्यापार


HALCHAL INDIA NEWS

चादर और बेडशीट उद्योग के लिए प्रसिद्ध पिलखुवा अब गमछा व्यापार के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। गर्मी के मौसम में बढ़ी मांग के चलते यहां का गमछा कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़े पैमाने पर ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं।

                               

व्यापारियों के अनुसार, वर्तमान में पिलखुवा से हर महीने लगभग 75 से 80 लाख रुपये तक के गमछों का कारोबार हो रहा है। स्थानीय बाजार अब केवल उत्पादन केंद्र ही नहीं, बल्कि थोक बिक्री के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित हो चुका है।

क्षेत्र में बड़ी संख्या में एजेंट सक्रिय हैं, जो विभिन्न राज्यों और शहरों से व्यापारिक ऑर्डर एकत्र कर स्थानीय कारोबारियों तक पहुंचाते हैं। इसके बाद यहां से देशभर के बाजारों में माल की आपूर्ति की जाती है।

व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग से कारोबार को अतिरिक्त गति मिली है। डिजिटल माध्यमों से भी लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं, जिससे बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। उनका मानना है कि अब गमछा केवल ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरत नहीं रह गया है, बल्कि शहरों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

पिलखुवा की पावरलूम इकाइयों में तैयार होने वाले उत्पादों के साथ-साथ आसपास के कई जिलों से भी गमछों की आपूर्ति की जाती है। बिजनौर, नगीना, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा और मैनपुरी जैसे क्षेत्रों से विभिन्न प्रकार के सूती और चेकदार गमछे यहां पहुंचते हैं, जिन्हें देश के अलग-अलग बाजारों में भेजा जाता है।

गर्मी के मौसम में मांग बढ़ने और नए बाजार मिलने से स्थानीय व्यापारियों को कारोबार में अच्छी वृद्धि की उम्मीद है।