HALCHAL INDIA NEWS
मुस्लिम समुदाय के पवित्र महीने रमजान की शुरुआत चांद दिखाई देने के साथ 19 या 20 फरवरी से होने की संभावना है। चांद का दीदार होते ही पहले रोजे की घोषणा की जाएगी। पूरे महीने रोजेदार सुबह से शाम तक उपवास रखकर इबादत करेंगे। इस वर्ष सबसे लंबा रोजा लगभग 13 घंटे 26 मिनट का रहने का अनुमान है।
इस बार पड़ेंगे पांच जुमा
संभावित तिथियों के अनुसार रमजान के दौरान 20 और 27 फरवरी तथा 6, 13 और 20 मार्च को जुमे की नमाज अदा की जाएगी। आखिरी जुमा को अलविदा के रूप में खास महत्व दिया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं।
तीन अशरों का महत्व
रमजान को तीन हिस्सों (अशरों) में बांटा जाता है।
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पहले अशरे को रहमत का दौर माना जाता है।
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दूसरे अशरे में मगफिरत यानी गुनाहों की माफी की दुआ की जाती है।
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तीसरे अशरे को जहन्नम से निजात का समय कहा जाता है। इसी दौरान शब-ए-कद्र की अहम रात आती है, जिसे बेहद फजीलत वाली रात माना जाता है।
मस्जिदों और घरों में तैयारियां
रमजान को लेकर मस्जिदों में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं की जा रही हैं। चांद नजर आने के बाद शाम से तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। बाजारों में भी खरीदारी को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि रोजे के दौरान पांच वक्त की नमाज, कुरान की तिलावत और जरूरतमंदों की मदद पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही संयम और सादगी के साथ इबादत में समय बिताने की सलाह दी गई है।\
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