HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
हापुड़-पिलखुवा। टेक्सटाइल सिटी सेंटर में एक्सपोर्ट हाउस (निर्यात भवन) बनाने की मांग पिछले दो दशकों से लगातार उठ रही है, लेकिन अब तक इसका निर्माण शुरू नहीं हो सका है। लंबे इंतजार और बार-बार मिल रहे आश्वासनों से उद्यमियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2000 में टेक्सटाइल सिटी योजना को विकसित किया था। पिलखुवा क्षेत्र का हैंडलूम उद्योग पहले से ही पहचान बना चुका है और यहां तैयार होने वाले कपड़े, चादरें व अन्य उत्पाद विदेशों में भी निर्यात किए जाते हैं। यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व में इनकी अच्छी मांग बताई जाती है।
योजना लागू होने के कुछ वर्षों बाद ही निर्यात भवन की जरूरत महसूस की गई थी। उद्यमियों का कहना है कि यदि एक्सपोर्ट हाउस बन जाता तो निर्यात प्रक्रिया आसान हो जाती और उद्योग को बड़ा लाभ मिलता, लेकिन 22 वर्षों बाद भी यह परियोजना सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है।
आधे से ज्यादा भूखंड खाली
टेक्सटाइल सिटी में प्राधिकरण द्वारा करीब 179 भूखंड विकसित किए गए थे, लेकिन इनमें से लगभग 50 प्रतिशत प्लॉट आज भी खाली पड़े हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि जरूरी सुविधाएं न मिलने के कारण कई लोगों ने यहां इकाइयां शुरू ही नहीं कीं।
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