HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के ईएनटी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए गर्दन के अग्र भाग में स्थित अत्यंत विशाल एवं जटिल लिपोमा (वसा की गांठ) का सफल ऑपरेशन कर मरीज को नया जीवन दिया है। यह सर्जरी चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी, क्योंकि गांठ महत्वपूर्ण नसों और प्रमुख रक्त वाहिकाओं के अत्यंत समीप स्थित थी।
अनवरपुर स्थित संस्थान में उपचार के लिए पहुंचे मरीज को पिछले लगभग चार वर्षों से इस समस्या के कारण गंभीर शारीरिक असहजता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था। गर्दन के सामने बढ़ती सूजन के चलते उसे दैनिक जीवन में कठिनाई और सामाजिक संकोच झेलना पड़ रहा था। मरीज कई अस्पतालों में परामर्श ले चुका था, लेकिन सर्जरी के जोखिम को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर ऑपरेशन टाल दिया गया।
विशेषज्ञ उपचार की उम्मीद में मरीज ने अंततः संस्थान के ईएनटी विभाग से संपर्क किया। चिकित्सकों की टीम ने विस्तृत जांच, आवश्यक रेडियोलॉजिकल परीक्षण और समग्र मूल्यांकन के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। सुनियोजित शल्य प्रक्रिया के तहत अत्यधिक सावधानी बरतते हुए गांठ को पूरी तरह सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
यह जटिल ऑपरेशन विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभम मित्तल, सीनियर रेजिडेंट डॉ. प्रीति और रेजिडेंट डॉ. चंदन की टीम ने उच्च तकनीकी दक्षता और समन्वय के साथ संपन्न किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई है और शीघ्र ही उसके सामान्य जीवन में लौटने की संभावना जताई गई है।
संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक ने ईएनटी विभाग की टीम को इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि गंभीर और जटिल मामलों के उपचार के लिए संस्थान पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है।
प्रबंधन टीम ने भी इस उपलब्धि को संस्थान की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता का प्रमाण बताया। हापुड़ जनपद के लिए यह उपलब्धि आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






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