Ticker

6/recent/ticker-posts

Header logo

निविदा प्रक्रिया पर विवाद के बाद अंतिम तिथि बढ़ी, ई-टेंडर से ही होंगी आवेदन स्वीकार


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय द्वारा जारी की गई एक निविदा को लेकर लगाए गए अनियमितता के आरोपों के बीच अब टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 5 मार्च कर दी गई है। विभाग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया केवल ई-टेंडरिंग सिस्टम के माध्यम से ही संचालित होगी और इसे जैम पोर्टल पर जारी करना संभव नहीं है।

जानकारी के अनुसार, सहारनपुर की एक फर्म के प्रतिनिधि ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर यह आरोप लगाया था कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ट्रॉमा सेंटरों में बागवानी व साफ-सफाई संबंधी कार्यों के लिए निकाली गई निविदा में शासनादेश का पालन नहीं किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना था कि टेंडर जैम पोर्टल के जरिए निकाला जाना चाहिए था और आवेदन की समय-सीमा बहुत कम रखी गई।

इस पर सीएमओ कार्यालय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित श्रेणी का टेंडर जैम पोर्टल के दायरे में नहीं आता, इसलिए इसे ई-टेंडर प्रक्रिया के तहत जारी किया गया है। एसीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाला पक्ष टेंडर को दो हिस्सों में बांटने का दबाव बना रहा था, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के भोजन और प्रसूताओं के आहार से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग निविदाएं निकाली जा सकें।

विभाग का कहना है कि नियमों के अनुसार यह कार्य संयुक्त रूप से ही कराया जा सकता है, इसलिए टेंडर विभाजित करना संभव नहीं है। इसी दौरान एक ठेकेदार जनप्रतिनिधि लिखी गाड़ी से कार्यालय पहुंचा और मुलाकात की कोशिश की। बताया गया कि उसने फोन के माध्यम से भी संपर्क कराने का प्रयास किया, लेकिन दस्तावेज जमा करने के बाद वह बिना मुलाकात के ही वापस लौट गया।

सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमानुसार है। किसी भी प्रकार के दबाव में निर्णय नहीं लिया जाएगा और नियमों के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।