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मौसम में उतार-चढ़ाव का असर: त्वचा रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी

HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

रात में हल्की ठंड और दिन में तेज धूप के कारण मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की त्वचा पर साफ दिखाई दे रहा है। नमी कम होने से त्वचा सूखी और बेजान हो रही है, जिससे खुजली, जलन और लाल चकत्तों की समस्या बढ़ गई है। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस परेशानी से जूझ रहे हैं।

जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में त्वचा संबंधी शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। जहां पहले रोजाना करीब 80 से 100 मरीज आते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 400 के पार पहुंच गया है।

त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम बदलते ही वातावरण में नमी घट जाती है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक चिकनाई कम होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा खिंची-खिंची महसूस होती है और धीरे-धीरे खुजली शुरू हो जाती है। कई मामलों में खुजली इतनी अधिक हो जाती है कि मरीजों की नींद तक प्रभावित हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ त्वचा की नमी स्वतः कम होने लगती है। यदि खुजली के कारण त्वचा पर ज्यादा खरोंच लग जाए तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है और दाने या पानी निकलने जैसी समस्या हो सकती है।

डॉक्टरों की सलाह है कि मौसम के इस दौर में त्वचा की विशेष देखभाल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, त्वचा को मॉइश्चराइज रखें और तेज रसायनों वाले साबुन या उत्पादों से परहेज करें। समस्या बढ़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।