हापुड़।
पिलखुवा क्षेत्र में शिक्षा विभाग की जांच के दौरान स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। निरीक्षण में जहां दो निजी स्कूल बिना मान्यता संचालित होते मिले, वहीं दो सरकारी विद्यालय बंद पाए गए। इस पूरे प्रकरण में चारों स्कूलों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रीतु तोमर ने मंगलवार को क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान लाखन और हिंडालपुर के कंपोजिट विद्यालयों के गेट बंद मिले, जबकि वहां पढ़ने आए बच्चे बाहर ही समय बिताते नजर आए। मौके पर कोई शिक्षक मौजूद नहीं था, जिससे व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
जांच के दौरान बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल भी पूछे गए, जिनमें कुछ ने सही जवाब दिए। अधिकारी काफी देर तक स्कूल परिसर में रहीं, लेकिन कोई शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ। बाद में एक विद्यालय में निरीक्षण के बाद शिक्षक पहुंचे। इस लापरवाही पर संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके बाद टीम ने मगनुम और ग्रेस पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया। यहां संचालकों से मान्यता से जुड़े कागजात मांगे गए, लेकिन वे उपलब्ध नहीं कराए जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों स्कूल बिना अनुमति के चल रहे थे और छात्रों को किताबें व बैग भी बेचे जा रहे थे।
शिक्षा विभाग ने चारों मामलों को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्कूलों पर सख्त नजर रखी जाए।
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