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मोनाड विश्वविद्यालय में गूंजा ‘नारी शक्ति वंदन’, महिला सशक्तिकरण से विकसित भारत का लिया संकल्प


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

मोनाड विश्वविद्यालय परिसर में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का भव्य और गरिमामयी आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक विरासत और विकसित भारत के संकल्प को केंद्र में रखते हुए विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान और उसकी अहम भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. उमा अग्रवाल और कंचन के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. एन.के. सिंह, कुलसचिव कर्नल डी.पी. सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. एम. जावेद, प्रो. योगेश पाल सिंह, एडवोकेट पंकज राणा, डॉ. सुल्तान सिंह एवं डॉ. रितु चिक्कारा सहित अनेक शिक्षाविद एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। माँ सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा, जिसमें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया गया। 

मुख्य अतिथि भगवत प्रसाद मकवाना ने अपने संबोधन में वेदों और पुराणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी का स्थान सदैव पूजनीय रहा है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई होल्कर और माता सीता के जीवन मूल्यों का उल्लेख करते हुए नारी सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता, वहां विनाश निश्चित है और आज के समय में ‘नारी वंदन’ अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की सराहना करते हुए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के खिलाफ केंद्र और हरियाणा सरकार की पहलों का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम में भारत की प्रगति और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी चर्चा की गई। फाइन आर्ट्स विभाग के छात्रों ने मुख्य अतिथि को एक सुंदर पेंटिंग भेंट कर सम्मानित किया, वहीं बी.टेक की छात्राओं ने नारी सशक्तिकरण पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक संदेश दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां देकर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। 

अंत में कुलपति प्रो. डॉ. एम. जावेद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज देश के सर्वोच्च पदों पर महिलाएं आसीन होकर समानता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. नेहा शर्मा, रविन्द्र कुमार, मंशा, डॉ. विनिता, डॉ. विभा गर्ग, विपुल चौधरी, ममता रानी चौधरी, नेहा रानी, ममतेश सोलंकी, सनाउल मुस्तफा एवं प्रीति तोमर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।