हापुड़।
संवादाता नरेंद्र सिंह - भीषण गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं के लगातार विरोध और हंगामे को देखते हुए बिजली विभाग ने जिले के तीनों डिवीजनों के 11 बिजलीघरों को संवेदनशील घोषित कर दिया है। इन बिजलीघरों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
बिजली विभाग के अनुसार, रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक संवेदनशील बिजलीघरों पर अतिरिक्त टीजी-2 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही कंट्रोल रूम में अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। फॉल्ट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए रिस्पॉन्स टीमें भी गठित की गई हैं।
जिले के 53 बिजलीघरों से करीब सवा तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति दी जाती है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में डेढ़ गुना तक इजाफा हो गया है। अधिक लोड के चलते ट्रांसफार्मर और बिजली तार बार-बार फुंक रहे हैं, जिससे कई मोहल्लों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
बीते दिनों कई क्षेत्रों में बिजली कटौती को लेकर लोगों ने बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया था। सोमवार रात कुछ बिजलीघरों पर उपभोक्ताओं के हंगामे के दौरान कर्मचारियों को खुद को कमरों में बंद करना पड़ा था। विभागीय कर्मचारियों को मारपीट और विवाद की आशंका भी बनी हुई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए विभाग ने संवेदनशील बिजलीघरों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। अवर अभियंताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और शिकायतों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि 11 बिजलीघरों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अतिरिक्त टीजी-2 कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है और फॉल्ट आने पर तुरंत मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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