हापुड़।
महिला थाना प्रभारी अरुणा राय ने एक बार फिर अपनी कार्यशैली और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 26 वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को सुलझाकर बिखरते परिवार को फिर एक कर दिया। थाना परिसर में घंटों चली बातचीत और समझाइश के बाद पति-पत्नी व दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई। समझौते के बाद दोनों पक्षों ने महिला थाना प्रभारी का आभार जताया।।
बताया गया कि संभल जनपद निवासी एक महिला की शादी करीब 26 वर्ष पहले हापुड़ निवासी युवक से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था। महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट सहित कई आरोप लगाते हुए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला अपने पांच बच्चों के साथ अलग रह रही थी और लंबे समय से दोनों परिवारों के बीच बातचीत भी बंद थी।
मामला महिला थाना प्रभारी अरुणा राय के पास पहुंचा तो उन्होंने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर आमने-सामने बैठाया। अरुणा राय ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनते हुए दोनों परिवारों को रिश्तों की अहमियत समझाई। उन्होंने बच्चों के भविष्य और परिवार की एकता को ध्यान में रखते हुए आपसी मतभेद खत्म करने की अपील की।।करीब कई घंटे चली काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। पति-पत्नी ने पुरानी बातों को भुलाकर नई शुरुआत करने का फैसला लिया। थाना परिसर में ही दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जताई।
समझौते के बाद परिजनों ने महिला थाना प्रभारी अरुणा राय की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और सकारात्मक प्रयासों से एक परिवार टूटने से बच गया। क्षेत्र में इस पहल की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।
“महिला थाना प्रभारी अरुणा राय ने कहा पुलिस का हमेशा यही प्रयास रहता है कि जहां तक संभव हो, परिवार टूटने के बजाय जुड़े रहें। हमारे पास यह मामला आया था जिसमें पति-पत्नी के बीच करीब 26 वर्षों से विवाद चला आ रहा था। महिला द्वारा पति और ससुराल पक्ष पर कई आरोप लगाए गए थे और दोनों परिवारों के बीच संवाद पूरी तरह समाप्त हो चुका था। मामला काफी पुराना और संवेदनशील था, इसलिए हमने इसे केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया।
दोनों पक्षों को महिला थाने बुलाया गया और अलग-अलग तथा आमने-सामने बैठाकर उनकी बातों को गंभीरता से सुना गया। कई बार ऐसा होता है कि छोटी-छोटी गलतफहमियां समय के साथ इतनी बड़ी हो जाती हैं कि रिश्तों में दूरियां बढ़ती चली जाती हैं। इस मामले में भी वर्षों से मनमुटाव और नाराजगी बनी हुई थी। हमने दोनों पक्षों को समझाया कि परिवार और बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण होता है। पति-पत्नी का रिश्ता केवल दो लोगों का नहीं बल्कि पूरे परिवार की नींव होता है।
हमने दोनों परिवारों से शांति और धैर्य के साथ बातचीत की और उन्हें यह एहसास कराया कि बीती बातों को पीछे छोड़कर नई शुरुआत की जा सकती है। काफी देर तक चली काउंसलिंग और समझाइश के बाद दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हुए।
यह हमारे लिए भी संतोष की बात है कि एक परिवार फिर से एकजुट हुआ और बच्चों को भी अपने माता-पिता का साथ मिल सकेगा। पुलिस का काम केवल कार्रवाई करना ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक माहौल बनाना भी है। यदि बातचीत और समझदारी से किसी परिवार को टूटने से बचाया जा सकता है तो यह समाज और पुलिस दोनों के लिए एक बड़ी सफलता होती है। आगे भी महिला थाना इसी तरह पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ परिवारों को जोड़ने का कार्य करता रहेगा।”
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