HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
रेलवे ट्रैक पर चल रहे ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम के कार्य का असर रेल संचालन पर साफ दिखाई दे रहा है। बृहस्पतिवार को कई एक्सप्रेस, स्पेशल और पैसेंजर ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों की देरी से स्टेशन पहुंचीं। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के कारण यात्रियों, विशेषकर दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्री ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्म पर बैठे नजर आए। भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे इंतजार ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई, जबकि कुछ लोगों के जरूरी काम भी प्रभावित हुए।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अयोध्या कैंट-दिल्ली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से छह घंटे से अधिक देरी से पहुंची। वहीं बुलंदशहर-तिलक ब्रिज शटल पैसेंजर लगभग चार घंटे से ज्यादा विलंबित रही। इसके अलावा पद्मावत एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और नौचंदी एक्सप्रेस भी तीन से चार घंटे की देरी से स्टेशन पहुंचीं।
वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेन भी करीब डेढ़ घंटे विलंब से चली। ट्रेनों की देरी के कारण यात्रियों को प्लेटफार्म पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिलखुवा-कुचेसर चौपला समेत विभिन्न रेलखंडों पर सिग्नल प्रणाली को आधुनिक बनाने और अन्य तकनीकी कार्यों के चलते ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। विभाग का दावा है कि कार्य पूरा होने के बाद रेल यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों के अनुसार अगले सप्ताह तक कार्यों में प्रगति होने के बाद ट्रेन संचालन धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक यात्रियों को ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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