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हापुड़।
जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग और जिला पंचायत राज विभाग ने संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए एक हजार की आबादी पर 30 व्यक्तियों की टीबी जांच अनिवार्य रहेगी।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने कहा कि टीबी खत्म करने के प्रयासों में पंचायती राज विभाग का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत ग्राम स्वास्थ्य समितियों को जागरूकता और टीबी मरीजों के कल्याण के लिए विशेष जिम्मेदारी दी है।
कार्यशाला में बताया गया कि पंचायत को टीबी मुक्त माना जाने के लिए गाँव में कोई सक्रिय टीबी मरीज नहीं होना चाहिए। यदि कोई मरीज मिलता है तो उसका इलाज नियमित रूप से कराया जाएगा और उसे सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाएँ मिलेंगी। पंचायत स्तर पर पोस्टर, बैनर और बैठकों के जरिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम और पंचायतों के टीबी चैंपियन की सक्रिय भागीदारी पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में सहायक खंड विकास अधिकारी शिवम पांडेय, अमित कुमार, संजय कुमार, गुरविंदर कुमार और स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक दीपक शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।
जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी ने बताया कि यह जिला स्तरीय कार्यशाला थी। अब 16 जनवरी से पहले सभी ब्लॉकों में इसी तरह की कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी और पंचायत सहायक शामिल होंगे।


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