HALCHAL INDIA NEWS
शिवगढ़ी के प्राथमिक विद्यालय में लापरवाही का आरोप, पुलिस के हस्तक्षेप से खुला गेट
हापुड़।
शिवगढ़ी के प्राथमिक विद्यालय में छुट्टी के समय एक छात्रा की उंगली स्कूल गेट में दबकर चोटिल हो गई। मामले में शिक्षकों की ओर से सूचना न मिलने और सही इलाज न कराए जाने से परिजन भड़क उठे। नाराज़ मां ने स्कूल पहुंचकर मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया, जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
घटना के दौरान हुई लापरवाही
सोमवार को विद्यालय में छुट्टी होते समय स्टाफ गेट बंद कर रहा था। उसी दौरान कक्षा एक की छात्रा—फायजा की उंगली गेट की पट्टी के बीच फंस गई, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। बच्ची के रोने पर शिक्षकों ने तुरंत उसकी उंगली पर तेल और हल्दी लगाई तथा किसी तरह उसे शांत कराया। फिर उसे चॉकलेट दिलाकर घर भेज दिया।
बिना जानकारी के बच्ची को भेजा, बढ़ा गुस्सा
घर पहुंचते ही बच्ची की रोने की आवाज़ और उंगली की सूजन देखकर परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि
-
स्कूल ने घटना की जानकारी नहीं दी
-
उचित प्राथमिक उपचार नहीं कराया गया
-
चोटिल बच्ची को अकेले घर भेज दिया गया
इसी आक्रोश में बच्ची की मां विद्यालय पहुंची, लेकिन शिक्षक पहले ही स्कूल बंद कर जा चुके थे। इससे नाराज़ होकर उसने स्कूल के बाहर लगे मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।
भीड़ जमा, पुलिस ने कराया समाधान
थोड़ी ही देर में स्कूल के बाहर भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि शायद अंदर बच्चे मौजूद हों। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और ताला खुलवाया। जांच में पाया गया कि स्कूल के अंदर कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था।
परिजनों का बयान
छात्रा के पिता शफीक ने कहा—
“अगर स्कूल वाले हमें तुरंत सूचना दे देते या बच्ची को खुद घर पहुंचा देते, तो मामला इतना नहीं बढ़ता। घायल बच्ची को ऐसे ही भेजना गलत था।”उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी द्वारा ताला लगाना उचित नहीं था, लेकिन बच्ची की चोट देखकर वह भावुक हो गई थीं।
जांच कमेटी गठित
घटना के बाद शिक्षा विभाग ने टीम बनाकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है, ताकि जिम्मेदार लोगों की लापरवाही तय की जा सके।


.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)




Social Plugin