HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
बुधवार को जनपद में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। सैकड़ों की संख्या में शिक्षक केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और पुतला फूंकने का प्रयास किया। शिक्षकों के हाथों में बैनर और मांगों से जुड़े पोस्टर थे तथा वे टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर विरोध जता रहे थे।
केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंके जाने की सूचना मिलते ही हापुड़ नगर पुलिस पहले से ही जिलाधिकारी कार्यालय पर तैनात थी। इसी दौरान अचानक कुछ शिक्षक पुतला लेकर आगे बढ़े और उसमें चिंगारी लगाने का प्रयास किया। स्थिति को भांपते हुए चौकी इंचार्ज कृष्णपाल सिंह तूफानी अंदाज में मौके पर पहुंचे और आग लगने से पहले ही पुतला शिक्षकों के हाथों से लपक लिया। पुतला छीनते ही वह तेजी से दौड़ पड़े। शिक्षक भी उनके पीछे भागे, लेकिन चौकी इंचार्ज उनकी पकड़ में नहीं आए और पुतला फूंके जाने से रोक दिया गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालात को नियंत्रित करते हुए किसी तरह की अनहोनी नहीं होने दी।
शिक्षकों का कहना है कि वे सर्वोच्च न्यायालय के एक सितंबर 2025 के निर्णय के संदर्भ में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। निर्णय के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को नियमानुसार टीईटी परीक्षा से छूट दी जानी चाहिए। संगठन का दावा है कि विभिन्न स्तरों पर हुई वार्ताओं में उन्हें छूट दिए जाने का आश्वासन भी मिला था, लेकिन हाल ही में लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिए गए जवाब से शिक्षकों में निराशा फैल गई है।
प्रदर्शन के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट प्रदान की जाए, क्योंकि उस समय नियुक्ति की शर्तों में टीईटी अनिवार्य नहीं था। शिक्षक समुदाय ने सरकार से मांग की है कि उनके साथ न्यायसंगत निर्णय लेते हुए नियमानुसार छूट दी जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रह सके। प्रदर्शन के दौरान वातावरण काफी गरमाया रहा, हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में रही और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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