हापुड़।
जिले में सड़क निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसकी मुख्य वजह बिटुमेन (तारकोल) के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। लागत बढ़ने से परेशान ठेकेदारों ने कई जगह काम बंद कर दिया है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों के भीतर बिटुमेन की कीमत में प्रति मीट्रिक टन करीब चार हजार रुपये तक की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर निर्माण कार्यों पर पड़ा है। जिले में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत वाले कई प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।
कच्चे तेल के दाम का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से बिटुमेन भी महंगा हो गया है, क्योंकि यह उसी से तैयार होता है। कीमतों में इस तेजी ने निर्माण एजेंसियों की लागत का संतुलन बिगाड़ दिया है।
कई प्रोजेक्ट अधर में
लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों द्वारा जिले में दर्जनों सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे थे। लेकिन अचानक बढ़ी लागत के कारण कई ठेकेदारों ने काम बीच में ही रोक दिया है, जबकि कुछ ने आगे काम जारी रखने में असमर्थता जताई है।
तय दरें बनी परेशानी
ठेकेदारों का कहना है कि विभाग की ओर से भुगतान पूर्व निर्धारित दरों के अनुसार ही किया जाएगा, ऐसे में बढ़ी कीमतों के बीच काम करना उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।
बिटुमेन का उपयोग
बिटुमेन एक गाढ़ा और चिपचिपा पदार्थ होता है, जो कच्चे तेल के शोधन से प्राप्त होता है। सड़क निर्माण में इसे बाइंडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सड़क मजबूत और टिकाऊ बनती है।
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