हापुड़।
शहर के गुरुद्वारा सिख मिशन में एक प्रेरणादायक शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जेएमएस वर्ल्ड स्कूल के छात्र-छात्राओं को आमंत्रित कर सिख धर्म की परंपराओं, मूल्यों और गुरु मर्यादा से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का आयोजन गुरुद्वारा इंचार्ज बृजपाल सिंह और हेड ग्रंथी प्रभपाल की अगुवाई में किया गया, जिसमें बच्चों को धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ मानवीय मूल्यों की भी सीख दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को सिख धर्म के पांच ककार केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही गुरु ग्रंथ साहिब में वर्णित जीवन मूल्यों, सत्य, सेवा, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया गया। हेड ग्रंथी प्रभपाल ने गुरु की मर्यादा, अनुशासन और लंगर की परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लंगर केवल भोजन नहीं, बल्कि समानता और सेवा का प्रतीक है, जहां सभी लोग बिना भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन करते हैं।
इस अवसर पर बच्चों ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और लंगर सेवा में भी सहभागिता की। इससे उनमें सेवा भावना, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित हुई। विद्यार्थियों ने सीखा कि समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी धर्मों के मूल सिद्धांतों को समझना और अपनाना आवश्यक है।
गुरुद्वारा इंचार्ज बृजपाल सिंह ने कहा, “आज के समय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें हमारे महान गुरुओं की शिक्षाओं और संस्कारों से भी जोड़ना बेहद जरूरी है। सिख धर्म हमें सेवा, समर्पण और समानता का संदेश देता है। पांच ककार केवल प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ये हमें अनुशासन, साहस और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। गुरुद्वारा साहिब में आकर बच्चे यह समझते हैं कि सभी धर्म हमें एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान सिखाते हैं। लंगर की परंपरा से उन्हें यह सीख मिलती है कि समाज में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, सभी एक समान हैं। हमें उम्मीद है कि यहां से मिली सीख बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करेंगे।”
शिक्षकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों को किताबों के बाहर का ज्ञान मिलता है और वे व्यवहारिक जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं। गुरुद्वारा साहिब में आने के बाद छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास, सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों की मदद करने की भावना का विकास होता है, जो उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरुद्वारा सिख मिशन और जेएमएस वर्ल्ड स्कूल की यह संयुक्त पहल समाज में एकता, भाईचारे और जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने इस तरह के आयोजनों को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया।
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