हापुड़।
बरसात से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने असौड़ा पैठ क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया। 'पीला पंजा' अभियान के तहत नाले पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने के साथ उसकी सफाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान नाले के ऊपर डाली गई सिल्लियां, पटाव और अन्य अवैध अवरोध हटाए गए, जिससे पानी के प्रवाह का रास्ता साफ हो सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्षों से नाले पर हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के कारण बरसात के दिनों में पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती थी और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाले की मूल चौड़ाई को बहाल किया गया।
नाले की सफाई के लिए मशीनों को लगाया गया है। सफाई के दौरान वर्षों से जमा गाद, प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा और अन्य अवरोधक सामग्री को बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि केवल सफाई ही नहीं, बल्कि जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से बेहतर बनाना भी अभियान का उद्देश्य है।
प्रशासन को उम्मीद है कि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का लाभ आगामी मानसून में मिलेगा और क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम होगी। हर वर्ष बारिश के दौरान पानी भरने और गंदगी फैलने की शिकायतें मिलती रही हैं।
अभियान का स्थानीय लोगों ने भी स्वागत किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हल्की बारिश में भी सड़कें पानी से भर जाती थीं, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता था। अब लोगों को उम्मीद है कि इस बार बरसात में राहत मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नाले पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के अभियान चलाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
.jpg)




.jpeg)







.jpeg)
.jpeg)



Social Plugin