HALCHAL INDA NEWS
सिंभावली। जिले के कई गांवों में पिछले दो महीने से तेंदुए के दिखाई देने से ग्रामीणों में डर और चिंता बढ़ गई है। जंगल और आबादी के पास बार-बार तेंदुए की उपस्थिति से लोग रात-दिन सतर्क रहते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति खतरे की घंटी बन गई है।
तेंदुए की बार-बार मौजूदगी
ग्रामीणों का कहना है कि माधापुर, बुकलाना, नवादा, किसान महाविद्यालय, डिस्टलरी, डिबाई, बैठ, धनपुरा और गढ़ क्षेत्र के मानकचौक, हशुपुरा, अठसैनी सहित कई अन्य गांवों में तेंदुए बार-बार दिखाई दे चुके हैं। कई ग्रामीणों ने अपने मोबाइल से तेंदुए के वीडियो भी बनाए हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव श्यामपुर जट्ट में दो दिन पहले भी ग्रामीणों ने तेंदुआ देखा। ग्रामीणों के अनुसार, वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद अब तक तेंदुए को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है। अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच अक्सर कुछ समय के लिए ही होती है, जिससे तेंदुआ फिर जंगल और आबादी के आसपास घूमने लगता है।
पिंजरे भी कारगर नहीं
माधापुर के जंगल में वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था, लेकिन वह खाली पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। तेंदुए के लगातार दिखाई देने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों की चिंता और मांग
ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग तेंदुए को जल्द पकड़कर गांवों में रहने वालों को सुरक्षित करे। उन्होंने अधिकारियों से आगाह किया कि तेंदुए के कारण खेती, बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीण जीवन पर भी असर पड़ रहा है।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि तेंदुए की सूचना मिलने पर विभागीय टीम तुरंत संबंधित क्षेत्र में पहुंचती है। वहां निरीक्षण और कांबिंग के माध्यम से तेंदुए की तलाश की जाती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पिंजरे, तंबू और अन्य सुरक्षा उपायों के जरिए जल्द ही तेंदुए को पकड़कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
विशेष ध्यान: वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है और कहा कि जंगल के किनारे अकेले न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।


.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)




Social Plugin