HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़ में नलकूप बिलों से जुड़े करीब 220 करोड़ रुपये के चर्चित प्रकरण में जांच प्रक्रिया फिर तेज हो गई है। जिलेभर से पोर्टल के माध्यम से प्राप्त 860 किसानों के आवेदन और उनके दस्तावेजों का पिछले एक महीने से सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों ने रिकॉर्ड रूम में रखे पुराने लेजर रजिस्टरों से मिलान कर संबंधित फाइलें तैयार कर ली हैं।
बताया जा रहा है कि तैयार की गई फाइलों में से कुछ नमूना बिल उच्च स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। जांच के दौरान कई अहम बिंदु सामने आए हैं, जिससे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2004 से पहले नलकूप बिलों के भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप लगे थे। कहा गया कि किसानों द्वारा जमा की गई धनराशि राजस्व खाते में दर्ज नहीं की गई। उस समय मामला दर्ज होने के बाद जांच विभिन्न एजेंसियों को सौंपी गई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया।
बाद में प्रशासनिक स्तर पर दोबारा पत्राचार होने के बाद जांच को गति मिली। किसानों से प्रमाणिक दस्तावेज एकत्र करने के उद्देश्य से नवंबर माह में एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया, जिस पर किसानों ने अपने जमा बिलों की प्रतियां और शपथ पत्र अपलोड किए।
जांच में कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आए हैं, जहां किसानों द्वारा नियमित भुगतान किए जाने के बावजूद संबंधित प्रविष्टियां लेजर में नहीं मिलीं।
अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है। 860 किसानों की फाइलें तैयार हो चुकी हैं और उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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