HALCHAL INDIA NEWS
ब्रजघाट। सावन के पावन अवसर पर ब्रजघाट क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। हजारों की संख्या में कांवड़िये गंगा में स्नान कर पवित्र जल भर रहे हैं और उसे लेकर अपने-अपने शिव मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं। पूरे इलाके में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के गगनभेदी उद्घोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं।
घाट से लेकर मुख्य मार्गों तक केसरिया वस्त्रधारी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। कई यात्री Haridwar से लौटते समय यहां विश्राम कर गंगा स्नान के बाद आगे की यात्रा जारी रख रहे हैं। युवा भक्त भक्ति गीतों की धुन पर उत्साह से झूमते नजर आते हैं। सजी-धजी कांवड़ों और अनुशासित टोलियों के साथ आगे बढ़ते श्रद्धालु पूरे रास्ते को धार्मिक ऊर्जा से भर दे रहे हैं। महिलाओं और परिवारों की भागीदारी भी उल्लेखनीय है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह सेवा शिविर और भंडारे लगाए गए हैं। यहां भोजन, पानी और विश्राम की व्यवस्था की गई है, जिससे यात्रियों को राहत मिल रही है। स्थानीय धर्माचार्यों का मानना है कि इस स्थान से लिया गया गंगाजल विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है, इसी कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं।
आस्था और संकल्प का प्रतीक बनी कांवड़ यात्रा
कई कांवड़ियों ने बताया कि उनकी मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने भोलेनाथ के प्रति आभार जताने के लिए यह यात्रा आरंभ की है। कोई परिवार की खुशहाली के लिए तो कोई नई संतानों के सुखद भविष्य की कामना लेकर गंगाजल भर रहा है। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और संतोष स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
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