HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
पिलखुवा क्षेत्र में तीन दिन पूर्व हुई गोलीकांड की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कथित पीड़ित वीरपाल सैनी ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खुद पर गोली चलवाने की साजिश रची थी, ताकि मनोज नामक युवक को झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके। थाना पिलखुवा पुलिस ने मामले का सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है।
गौरतलब है कि 9 फरवरी 2026 को प्रीती सैनी पत्नी वीरपाल सैनी निवासी मोहल्ला साकेत, रेलवे रोड, थाना पिलखुवा ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 7 फरवरी की रात मनोज पुत्र बबली निवासी ग्राम छिजारसी व एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके पति वीरपाल को तमंचे से गोली मार दी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई तथ्य संदिग्ध लगे। गहन पड़ताल में मनोज की नामजदगी गलत पाई गई और घटना में स्वयं वीरपाल व उसके दो साथियों मोनू उर्फ कालिया और करमवीर की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार वीरपाल ने षड्यंत्र रचकर अपने साथियों से खुद पर गोली चलवाई, ताकि मनोज को झूठे अभियोग में फंसाया जा सके।
अभियान के तहत थाना पिलखुवा पुलिस ने बीएनएस से संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए हाईवे से हिण्डालपुर की ओर जाने वाले रास्ते से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मोनू उर्फ कालिया पुत्र मुकेश निवासी मोहल्ला किशनगंज थाना पिलखुवा तथा करमवीर पुत्र वीरेन्द्र निवासी नहरोसा थाना नवाबगंज फर्रुखाबाद हाल पता एफ-102 कस्बा व थाना नन्दग्राम जनपद गाजियाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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