HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
जनपद के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कुत्ते और बंदरों के हमलों से घायल लोगों के इलाज के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन और सीरम की उपलब्धता तो सुनिश्चित कर दी गई है, लेकिन इसे लगाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण कर्मचारियों को अभी तक नहीं मिला है। इस वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गंभीर मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सामान्य काटने की स्थिति में एंटी रेबीज टीका लगाया जाता है। वहीं यदि घाव गहरा हो या सिर व चेहरे जैसे संवेदनशील हिस्सों पर हमला हुआ हो, तो मरीज को घाव के भीतर निर्धारित मात्रा में सीरम देना आवश्यक होता है। यह प्रक्रिया विशेष प्रशिक्षण के बाद ही की जाती है।
सीएचसी में तैनात स्टाफ को सीरम लगाने का प्रशिक्षण न होने के कारण गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। इससे जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है और लोगों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक वैक्सीन और सीरम उपलब्ध हैं। सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मियों को जल्द प्रशिक्षण दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल सके।






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