HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़ में पैकेज्ड पीने के पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनवरी में अलग-अलग इकाइयों से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में पांच सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में इनमें हानिकारक बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है।
कार्रवाई करते हुए विभाग ने चार कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। एक अन्य इकाई के लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। संबंधित सभी प्लांट धौलाना स्थित यूपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे हैं।
यह अभियान उस घटना के बाद तेज किया गया, जब इंदौर में कथित रूप से दूषित पानी के सेवन से लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। इसके बाद प्रदेशभर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर यूनिटों की विशेष जांच शुरू की गई। हापुड़ में 9 और 10 जनवरी को अधिकारियों की टीम ने 12 कंपनियों से कुल 16 नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट अब जारी की गई है। इनमें से पांच नमूने गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जिन कंपनियों के नमूने अधोमानक मिले, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि बैक्टीरिया युक्त पानी का सेवन करने से पेट में संक्रमण, उल्टी-दस्त, बुखार और लिवर संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विश्वसनीय ब्रांड का ही पानी खरीदें और गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें।
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