HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़ जिले में गोशालाओं में जगह की कमी और प्रबंधन की चुनौतियों के कारण कई गोवंश गांवों और खेतों में खुले घूम रहे हैं। इन पशुओं ने कई किसानों की गेहूं की फसल का लगभग 30 फीसदी नुकसान कर दिया है। साथ ही सड़क पर विचरण करते ये पशु दुर्घटनाओं के लिए भी जोखिम बढ़ा रहे हैं।
जिले में कुल 33 गोशालाएं हैं, जहां वर्तमान में 4,091 गोवंशों का संरक्षण किया जा रहा है। लेकिन गोशालाओं में उपलब्ध जगह और संसाधनों की तुलना में खुले घूम रहे पशुओं की संख्या अधिक है। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह खेतों में जाने पर नए झुंडों को देखना आम बात हो गई है।
पशुपालन विभाग की ओर से प्रत्येक गोवंश पर प्रतिदिन 50 रुपये खर्च किए जाते हैं, जिनसे हरा चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। पहले यह राशि केवल 30 रुपये थी। इतने पैसों में पर्याप्त चारा और देखभाल करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
जिले में कुछ गोशालाओं में बेहतर इंतजाम किए गए हैं और चार नए आश्रय स्थलों का निर्माण कार्य जारी है। इन नए स्थलों के बन जाने पर करीब एक हजार और गोवंशों का संरक्षण किया जा सकेगा।
सीवीओ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि गोवंशों के सुरक्षित संरक्षण और फसल नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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