हापुड़।
जिले में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अचानक हुई बरसात के कारण आलू, अगेती गेहूं और खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। कृषि विभाग के अनुसार करीब आठ से दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।
जिला कृषि अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को सर्वे कर तीन दिन में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
शुक्रवार को करीब 13 एमएम बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नव ज्योति कॉलोनी, गढ़ रोड, भीमनगर और दिल्ली रोड सहित कई मोहल्लों में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हुई बारिश आलू की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। वहीं तेज हवा और बारिश के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। अगेती गेहूं में इस समय दाना बनने की प्रक्रिया चल रही है, ऐसे में फसल गिरने से पैदावार कम होने की संभावना है। हालांकि पछेती गेहूं को कम नुकसान होने की उम्मीद जताई जा रही है, यदि फसल नहीं गिरी तो।
खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की बात सामने आ रही है। कृषि विभाग का कहना है कि सर्वे के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा।
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि बेमौसम बारिश से आलू, सरसों और गेहूं की फसल प्रभावित होने की संभावना है। सर्वे के निर्देश दे दिए गए हैं और जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया है।
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