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संस्कार एजुकेशनल ग्रुप के 17वें दीक्षांत समारोह में 220 से अधिक छात्रों को मिली डिग्रियां, उपलब्धियों पर गूंजा परिसर


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

संस्कार एजुकेशनल ग्रुप (एसईजी) में सोमवार को 17वां दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया, जिसमें वर्ष 2025 की स्नातक कक्षाओं के 220 से अधिक छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में बीटेक, बीफार्मा, बीआर्क, बीएफएसआई और एमबीए पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सवपूर्ण माहौल में सम्मान किया गया। पूरे परिसर में गर्व, उत्साह और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. शुचित बजाज, उजाला सिग्नस हेल्थ केयर सर्विसेज एवं श्रवाब फाउंडेशन के संस्थापक-निदेशक तथा वर्ष 2024 के वैश्विक सामाजिक उद्यमी, द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय कुलगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद निदेशक फार्मेसी डा. बबीता कुमार ने सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में प्रो. (डा.) संदीप सिंघल, एनआईटी कुरुक्षेत्र के शिक्षाविद एवं शोधकर्ता, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सदस्या श्रीमती मनीषा गुप्ता सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

संस्कार एजुकेशनल ग्रुप के महासचिव श्री अमित गुप्ता ने अपने संबोधन में पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मेहनत, अनुशासन और समर्पण के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का संकल्प भी है।

मुख्य वक्ता प्रो. (डा.) संदीप सिंघल ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और बदलते समय के साथ स्वयं को अनुकूल बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “शिक्षा एक आजीवन प्रयास है और इसकी मजबूत नींव संस्कार पर रखी जाती है।” वहीं डा. शुचित बजाज ने अपने प्रेरक संबोधन में अपनी उद्यमशीलता यात्रा साझा करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा, “जो लोग ज्ञान को करुणा के साथ जोड़ते हैं, वही भविष्य में सबसे महान और सफल बनते हैं।”

इंजीनियरिंग निदेशक डा. धर्मेंद्र सिंह ने संस्थान की वार्षिक उपलब्धियों को अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया और सभी स्नातकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य श्रीमती मनीषा गुप्ता, श्री लव अग्रवाल और श्री कुश अग्रवाल सहित निदेशकों और विभागाध्यक्षों ने भी विद्यार्थियों को उनके पेशेवर करियर की शुरुआत पर बधाई देते हुए संस्थान के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। 


दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अध्ययन काल की यादों और मित्रों के साथ बिताए पलों को साझा कर माहौल को भावुक और गौरवपूर्ण बना दिया। समारोह का एक विशेष आकर्षण पारंपरिक वृक्षारोपण कार्यक्रम भी रहा, जिसने संस्थान की पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का समापन वास्तुकला निदेशक डा. राकेश अलावधी के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन एक बार फिर इस बात का प्रमाण बना कि संस्कार एजुकेशनल ग्रुप पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान ने सभी स्नातक छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी।