HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
विद्युत वितरण मंडल हापुड़ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी, सरल और आधुनिक बिजली सेवा उपलब्ध कराना है। आधुनिक संचार तकनीक और उच्च सटीकता पर आधारित इस प्रणाली के जरिए उपभोक्ताओं को अब अपनी बिजली खपत की रीयल-टाइम जानकारी मिल रही है, जिससे बिजली उपयोग और भुगतान दोनों में पारदर्शिता आई है।
मंडल में अब तक 24,454 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 19,969 उपभोक्ता सफलतापूर्वक प्रीपेड प्रणाली से जुड़ चुके हैं। विभाग के अनुसार यह आंकड़ा उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे और सहभागिता को दर्शाता है। हालांकि, वर्तमान स्थिति में 15,454 उपभोक्ता नेगेटिव बैलेंस में पाए गए हैं, जिन पर कुल 2639 लाख रुपये बकाया है। नेगेटिव बैलेंस का मतलब है कि उपभोक्ता की प्रीपेड राशि समाप्त हो चुकी है और बिजली खपत के अनुसार अतिरिक्त बकाया बन गया है। बकाया राशि को लेकर विभाग ने सख्ती भी शुरू कर दी है। 5,537 उपभोक्ताओं के कनेक्शन अस्थायी रूप से काटे गए, जिनमें से 4,319 उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराकर अपनी आपूर्ति बहाल करा ली है, जबकि 1,218 उपभोक्ता अभी भी रिचार्ज नहीं करा सके हैं। इस कार्रवाई से विभाग को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त हुआ है और उपभोक्ताओं में समय पर भुगतान की जागरूकता भी बढ़ी है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली से उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं मिल रही हैं। अब उपभोक्ता मोबाइल ऐप ‘यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप’ के जरिए अपनी दैनिक, मासिक और प्रति घंटे की बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी तुरंत देख सकते हैं। इसके अलावा उपभोक्ता केवल उतनी ही बिजली का भुगतान करते हैं, जितनी उन्होंने उपयोग की है, जिससे बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो गई है। प्रीपेड प्रणाली अपनाने पर निर्धारित दरों पर दो प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
उपभोक्ताओं को कम बैलेंस, रिचार्ज और भुगतान से जुड़ी सूचनाएं मैसेज और व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार मिलती रहती हैं, जिससे वे समय रहते रिचार्ज कर सकें और बिजली कटने से बच सकें। रिचार्ज की सुविधा भी बेहद आसान है, जिसे मोबाइल, यूपीआई, पेटीएम और गूगलपे जैसे माध्यमों से कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है।
विभाग के अनुसार सुरक्षा धनराशि को भी उपभोक्ताओं के हित में समायोजित किया जा रहा है। यदि किसी उपभोक्ता पर कोई बकाया नहीं है तो उसकी सिक्योरिटी राशि सीधे प्रीपेड बैलेंस में जोड़ दी जाती है। साथ ही कागजी बिलिंग की व्यवस्था खत्म कर दी गई है और सभी सूचनाएं अब डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो रही हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष प्रावधान भी लागू किए गए हैं। प्रीपेड में परिवर्तन के बाद 30 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाता है। बैलेंस खत्म होने पर भी तीन दिन का इमरजेंसी क्रेडिट मिलता है। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार, राजपत्रित अवकाश और रोजाना शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक ‘हैप्पी आवर्स’ में बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाती।
इस प्रणाली की खास बात ऑटोमेटिक रिकनेक्शन सुविधा है, जिसमें रिचार्ज करते ही अधिकतर मामलों में बिजली तुरंत बहाल हो जाती है। कुछ तकनीकी परिस्थितियों में इसमें अधिकतम दो घंटे का समय लग सकता है। यदि निर्धारित समय में आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912, UPPCL Smart App, व्हाट्सएप चैटबॉट या संबंधित कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अधीक्षण अभियंता हापुड़ ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्मार्ट प्रीपेड प्रणाली का अधिकतम लाभ उठाएं, समय-समय पर रिचार्ज करें और अपना बैलेंस सकारात्मक बनाए रखें, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
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