हापुड़।
भारत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित अभद्र टिप्पणी पर भारतीय किसान यूनियन लोकहित के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। संगठन के संस्थापक हरीश हूण और राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना के नेतृत्व में शनिवार को तहसील चौराहे पर सैकड़ों किसानों और पदाधिकारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंककर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि ट्रंप ने भारत से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और एंबेसी का घेराव किया जाएगा।
तहसील चौराहे पर दोपहर से ही किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और ट्रंप के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने डोनाल्ड ट्रंप के पुतले में आग लगाई और उसे लात-घूंसों से मारकर अपना रोष प्रकट किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में माहौल गर्म रहा और राहगीरों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई।
भारतीय किसान यूनियन लोकहित के संस्थापक हरीश हूण ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और यहां की संस्कृति, सभ्यता और सम्मान पूरे विश्व में अलग पहचान रखता है। ऐसे में किसी भी विदेशी नेता द्वारा भारत को अपमानित करने वाली टिप्पणी किसी भी भारतीय के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत को ‘नर्क का द्वार’ कहे जाने जैसी टिप्पणी न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह देश की गरिमा पर सीधा हमला है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना ने केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा कि देश की अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री स्तर से अमेरिका को कड़ा जवाब नहीं दिया गया, तो भारतीय किसान यूनियन लोकहित देशव्यापी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भारत की जनता अपने देश के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब देश के सम्मान पर चोट पहुंचती है, तब राजनीतिक मतभेद पीछे छूट जाते हैं और पूरा देश एकजुट होकर जवाब देने के लिए खड़ा होता है। किसानों ने कहा कि विपक्ष पहले ही इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांग रहा है और अब किसान संगठन भी इस मामले में खुलकर सामने आ गए हैं।
किसानों ने साफ कहा कि भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही ट्रंप की ओर से माफी नहीं आती, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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