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गंगानगरी को मिलेगी नई उड़ान, ढाई एकड़ भूमि पर बनेगा स्थायी हेलीपैड


HALCHAL INDIA NEWS

गढ़मुक्तेश्वर। धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण गढ़ गंगानगरी क्षेत्र को जल्द ही एक नई सौगात मिलने जा रही है। क्षेत्र में स्थायी हेलीपैड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन ने तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालय तक विशिष्ट अतिथियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए स्याना रोड स्थित वेदांत कॉलेज के निकट करीब ढाई एकड़ भूमि चिह्नित कर लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करा दी है।

                         

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शासन स्तर पर हेलीपैड निर्माण की योजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब तकनीकी सर्वे, डिजाइन और निर्माण संबंधी औपचारिकताएं लोक निर्माण विभाग द्वारा पूरी की जाएंगी। प्रस्तावित हेलीपैड क्षेत्र तक सुगम पहुंच के लिए एक पक्की संपर्क सड़क का भी निर्माण किया जाएगा।

योजना के तहत हेलीपैड तक पहुंचने वाली सड़क सात मीटर चौड़ी होगी। इसके निर्माण के लिए लगभग 13 मीटर चौड़ाई में भूमि की आवश्यकता निर्धारित की गई है। सड़क और हेलीपैड दोनों के निर्माण के बाद क्षेत्र में हवाई संपर्क सुविधाओं को नया आयाम मिलेगा।

आपदा और राहत कार्यों में मिलेगी तेजी

विशेषज्ञों का मानना है कि हेलीपैड का निर्माण केवल वीआईपी मूवमेंट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी यह बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। गंगा क्षेत्र में बाढ़, प्राकृतिक आपदा या अन्य आपात स्थितियों के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टरों का संचालन आसान हो सकेगा। इससे प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता भी मजबूत होगी।

पर्यटन और धार्मिक महत्व को मिलेगा बढ़ावा

गढ़मुक्तेश्वर देशभर में अपनी धार्मिक पहचान और गंगा स्नान के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष भर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जबकि कार्तिक पूर्णिमा और गंगा मेले जैसे आयोजनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। स्थायी हेलीपैड बनने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विशिष्ट अतिथियों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

अस्थायी व्यवस्था से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में गढ़ क्षेत्र में कोई स्थायी हेलीपैड उपलब्ध नहीं है। किसी मंत्री, जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी के आगमन पर प्रशासन को अस्थायी हेलीपैड तैयार करना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त समय और संसाधन खर्च होते हैं। स्थायी हेलीपैड बनने के बाद ऐसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता नहीं रहेगी और कार्यक्रमों के संचालन में भी आसानी होगी।

तहसीलदार पवन यादव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की मांग पर हेलीपैड निर्माण के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है। अब आगे की तकनीकी और निर्माण संबंधी प्रक्रिया संबंधित विभाग द्वारा पूरी की जाएगी।