हापुड़।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के हाफिजपुर क्षेत्र में स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल तेजी से वाहनों की ढुलाई का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। दक्षिण और पश्चिम भारत के विभिन्न शहरों से आने वाले चार पहिया वाहनों को यहां उतारकर एनसीआर के कई जिलों तक पहुंचाया जा रहा है।
करीब तीन महीने पहले शुरू हुए इस टर्मिनल से बड़ी संख्या में कारों की आवाजाही हो रही है। रेलवे के विशेष रैक के जरिए एक बार में सैकड़ों वाहनों को यहां लाया जाता है, जिन्हें बाद में अलग-अलग गंतव्यों तक भेजा जाता है। जून माह में दर्जनों मालगाड़ियों के माध्यम से वाहनों की खेप पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
टर्मिनल प्रबंधन के अनुसार विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों के वाहन देश के अलग-अलग उत्पादन केंद्रों से यहां पहुंच रहे हैं। हापुड़ की रणनीतिक स्थिति के कारण लगभग 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों तक इन वाहनों की सप्लाई आसानी से की जा रही है। वहीं गुरुग्राम क्षेत्र से तैयार वाहनों को देश के अन्य हिस्सों में भेजने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
फर्टिलाइजर और स्टील हैंडलिंग की तैयारी
वाहनों के अलावा भविष्य में इस टर्मिनल पर उर्वरक (फर्टिलाइजर) की अनलोडिंग भी शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही स्टील से जुड़े लॉजिस्टिक्स कार्यों के लिए भी विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। योजना के तहत स्टील उत्पादों के भंडारण के लिए शेड और अन्य आवश्यक ढांचे तैयार किए जाएंगे।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी गति
विशेषज्ञों का मानना है कि कार्गो टर्मिनल की गतिविधियां बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक, औद्योगिक और आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। माल ढुलाई की बेहतर सुविधाओं के कारण निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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