हापुड़।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने बुधवार को हापुड़ और बुलंदशहर जिले का दौरा कर विद्युत व्यवस्था, राजस्व वसूली, उपभोक्ता सेवाओं और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एमडी ने कहा कि गर्मी और बरसात के मौसम में बिजली व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर आने वाले विद्युत फॉल्ट का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा आंधी, बारिश और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण बाधित होने वाली विद्युत आपूर्ति को न्यूनतम समय में बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।
समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली और बकाया बिजली बिलों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। एमडी ने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि बकाया वसूली अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही उन्होंने विद्युत हानियों (लाइन लॉस) में कमी लाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।
बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। उपभोक्ताओं द्वारा रिचार्ज और बिलिंग संबंधी आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है, इसलिए इससे जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण किया जाना चाहिए।
प्रबंध निदेशक ने तकनीकी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विद्युत लाइनों, उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरों के रखरखाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित खराबी वाले उपकरणों की समय रहते मरम्मत और अनुरक्षण कराया जाए ताकि बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो। बैठक में केंद्र सरकार की आरडीएसएस परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। एमडी ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि विद्युत ढांचे को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा 1912 विद्युत उपभोक्ता हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई भी शिकायत निर्धारित समय सीमा से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं का विभाग पर विश्वास और मजबूत हो सके।
नए बिजली कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए एमडी ने झटपट कनेक्शन योजना को और गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र उपभोक्ताओं को बिना अनावश्यक देरी के नए कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं तथा आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया जाए। बैठक के अंत में प्रबंध निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ता हितों को सर्वोपरि रखते हुए विभागीय कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखें। बेहतर बिजली आपूर्ति, त्वरित शिकायत निस्तारण और प्रभावी राजस्व प्रबंधन के माध्यम से उपभोक्ताओं को भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना ही निगम का मुख्य उद्देश्य है।
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